Two Groundbreaking State Awards Named After Teejan Bai and Ravidas
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में पहली बार तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर शुरू होंगे राज्य अलंकरण।
कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा समेत 41 श्रेणियों में होंगे सम्मान; पिछले वर्ष 34 श्रेणियों में दिए गए थे राज्य अलंकरण
प्रमुख हाइलाइट्स
- राज्योत्सव-2026 में पहली बार तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए राज्य अलंकरण दिए जाएंगे।
- राज्य सरकार इस बार कुल 41 श्रेणियों में उत्कृष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करेगी।
- संस्कृति विभाग की ओर से 14 और अन्य विभागों की ओर से 27 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
- कला, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, महिला सशक्तीकरण और समाजसेवा सहित कई क्षेत्रों को मिलेगा सम्मान।
- पिछले वर्ष राज्योत्सव-2025 में 34 श्रेणियों में राज्य अलंकरण प्रदान किए गए थे।
Raipur. The Chhattisgarh state festival of 2026 will be special for state decorations. The state government, for the first time, will inaugurate two new state decorations, including the Teejan Bai Award. The award is named after the renowned Pandwani singer Teejan Bai and Saint Ravidas. This year’s festival grand decorations ceremony will honor individuals and organizations across 41 categories for outstanding contributions.
गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आयोजित होने वाले समारोह में कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, महिला सशक्तीकरण, सहकारिता, श्रमिक कल्याण और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मान प्रदान किया जाएगा।

दो नए नाम जुड़ने से बढ़ा अलंकरणों का दायरा
राज्य सरकार ने इस वर्ष राज्य अलंकरणों की सूची में दो नई श्रेणियां जोड़ी हैं। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर शुरू किए जा रहे ये सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने की पहल माने जा रहे हैं।
इस बार कुल 41 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें संस्कृति विभाग की ओर से 14 और अन्य विभागों की ओर से 27 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पिछले साल 34 श्रेणियों में दिए गए थे सम्मान
राज्योत्सव-2025 में राज्य सरकार ने 34 श्रेणियों में राज्य अलंकरण प्रदान किए थे। हालांकि, कुछ श्रेणियों में एक से अधिक व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किए जाने के कारण पुरस्कार प्राप्त करने वालों की कुल संख्या अधिक रही थी।
दानवीर भामाशाह सम्मान और छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान जैसे पुरस्कारों के माध्यम से भी समाजसेवा और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया था। इस वर्ष दो नई श्रेणियां जुड़ने के साथ अलंकरणों का दायरा और विस्तृत हो गया है।
अलग-अलग विभागों के अपने विशिष्ट सम्मान
राज्य के विभिन्न विभाग अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े विशिष्ट योगदान के लिए राज्य अलंकरण प्रदान करते हैं, जैसे Teejan Bai Award। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से यति यनतनलाल, पंडित रविशंकर शुक्ल और महाराजा अग्रसेन सम्मान दिए जाते हैं।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति, गुरु घासीदास और डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान प्रदान करता है। Teejan Bai Award भी मान्यता प्राप्त है, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से गुण्डाधურ और महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान दिए जाते हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग मिनीमाता, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति और माता बहादुर कलारिन सम्मान के माध्यम से महिला सशक्तीकरण और समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित करता है।
साहित्य, कला और पत्रकारिता के लिए भी महत्वपूर्ण पुरस्कार
संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर से हबीब तनवीर, पंडित सुंदरलाल शर्मा, चक्रधर, दाऊ मंदराजी, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य, किशोर साहू, किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण, लक्ष्मण मस्तुरिया और लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
वहीं जनसंपर्क विभाग की ओर से चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता, मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता और पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान दिए जाते हैं।
इसके अलावा सहकारिता, कृषि, स्वास्थ्य, मत्स्य, श्रम, पुलिस, विधि और उच्च शिक्षा विभाग भी अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण प्रदान करते हैं।
1 thought on “Two Groundbreaking State Awards Named After Teejan Bai and Ravidas”