दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल गांधी बोले- संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर INDIA गठबंधन की रैली; राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप लगाए, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
प्रमुख हाइलाइट्स
- दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने रैली की।
- राहुल गांधी ने कहा- ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से हटेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान पर हमला किया जा रहा है।
- ममता बनर्जी ने एसआईआर और मतगणना को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
- अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ वोट कटने का दावा करते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के कई दलों के नेताओं ने रैली को संबोधित किया। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा गया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटेंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से हटेंगे
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि वह मंच से कहना चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटेंगे। उन्होंने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जेल जाने का भी दावा किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावों में वोट चोरी हुई है और मतदाता सूची से नाम हटाकर लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल की आवाज नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है।
उन्होंने कहा, ”हम लोकतंत्र को हिंदुस्तान में खत्म नहीं होने देंगे। हम संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे।” राहुल ने कहा कि सत्ता, पैसा और ताकत संविधान से बड़ी नहीं हो सकती।

वोटर लिस्ट और ईवीएम को लेकर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए वोट चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि देश की संस्थाएं जनता की हैं और उन्हें किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के नियंत्रण में नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संस्थाओं पर कब्जे के कारण किसानों, युवाओं और मजदूरों को उनके अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
ममता बनर्जी बोलीं- हम हारे नहीं, हराए गए हैं
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रामलीला मैदान की रैली में कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को हाईजैक किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया है।
अखिलेश यादव ने यूपी में 1.27 करोड़ वोट कटने का दावा किया
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि 403 विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो हर क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या प्रभावित हुई है।
अखिलेश यादव ने चंडीगढ़ में मतगणना से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जानकारी जुटाकर चुनाव आयोग को दी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विपक्ष ने एकजुट होकर उठाई लोकतंत्र की रक्षा की मांग
रामलीला मैदान की इस रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।
रैली में दिए गए वोट चोरी, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप विपक्षी नेताओं के बयान हैं। इन दावों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।